Covid-19: चीन पर फूटा कई देशों का गुस्सा, जर्मनी ने मांगा 12.41 लाख करोड़ रुपये का हर्जाना

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : पीटीआई
कोरोना वायरस फैलाने पर चीन से खफा जर्मनी के सबसे बड़े अखबार बिल्ड ने उस पर 13 हजार करोड़ पाउंड (करीब 12.41 लाख करोड़ रुपये) का दावा किया है। यह दावा कोरोना की वजह से देश को हुए नुकसान की भरपाई की एवज में किया गया है।
इस दावे में कहा गया है कि महामारी की वजह से जर्मनी को भारी नुकसान हो रहा है। सोमवार से शनिवार तक जर्मन भाषा में वर्ष 1952 से प्रकाशित हो रहे बिल्ड अखबार ने नोटिस के जरिए उन सभी नुकसान व खर्च का उल्लेख किया है, जिन्हें जर्मनी ने महामारी की वजह से सहा।
इसमें 2700 करोड़ यूरो का नुकसान देश के पर्यटन उद्योग को, 10 लाख यूरो प्रति घंटा नुकसान जर्मन एयरलाइंस लुफ्तहांसा को और 5000 करोड़ यूरो का नुकसान जर्मनी केे छोटे उद्योगों को बताया गया है। बिल्ड के अनुसार अगर जर्मनी की जीडीपी 4.2 प्रतिशत गिरती है तो इसकी वजह से 1784 यूरो प्रति व्यक्ति बोझ पड़ेगा। एजेंसी
कई देश जता रहे गुस्सा
इससे पहले अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया भी चीन के प्रति अपनी नाराजगी जता चुके हैं। उनके अनुसार चीन में ही यह वायरस उपजा है। कई संगठनों व देशों ने आशंका जताई है कि चीन ने कोरोना को प्रयोगशाला में तैयार किया है। उसने वायरस को लेकर विश्व समुदाय को समय पर न तो जानकारी दी न ही अपने यहां हो रहे नुकसान व जनहानि के सही आंकड़े जारी किए। शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी खामियाजा भुगतने की चेतावनी दे चुके हैं।
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कोरोना वायरस फैलाने पर चीन से खफा जर्मनी के सबसे बड़े अखबार बिल्ड ने उस पर 13 हजार करोड़ पाउंड (करीब 12.41 लाख करोड़ रुपये) का दावा किया है। यह दावा कोरोना की वजह से देश को हुए नुकसान की भरपाई की एवज में किया गया है।
इस दावे में कहा गया है कि महामारी की वजह से जर्मनी को भारी नुकसान हो रहा है। सोमवार से शनिवार तक जर्मन भाषा में वर्ष 1952 से प्रकाशित हो रहे बिल्ड अखबार ने नोटिस के जरिए उन सभी नुकसान व खर्च का उल्लेख किया है, जिन्हें जर्मनी ने महामारी की वजह से सहा।
इसमें 2700 करोड़ यूरो का नुकसान देश के पर्यटन उद्योग को, 10 लाख यूरो प्रति घंटा नुकसान जर्मन एयरलाइंस लुफ्तहांसा को और 5000 करोड़ यूरो का नुकसान जर्मनी केे छोटे उद्योगों को बताया गया है। बिल्ड के अनुसार अगर जर्मनी की जीडीपी 4.2 प्रतिशत गिरती है तो इसकी वजह से 1784 यूरो प्रति व्यक्ति बोझ पड़ेगा। एजेंसी
कई देश जता रहे गुस्सा
इससे पहले अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया भी चीन के प्रति अपनी नाराजगी जता चुके हैं। उनके अनुसार चीन में ही यह वायरस उपजा है। कई संगठनों व देशों ने आशंका जताई है कि चीन ने कोरोना को प्रयोगशाला में तैयार किया है। उसने वायरस को लेकर विश्व समुदाय को समय पर न तो जानकारी दी न ही अपने यहां हो रहे नुकसान व जनहानि के सही आंकड़े जारी किए। शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी खामियाजा भुगतने की चेतावनी दे चुके हैं।
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