विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने पर सरकार में माथापच्ची, सूची हो रही तैयार

कोरोना वायरस के कारण विदेश में फंसे भारतीयों की स्वदेश वापसी के लिए मोदी सरकार बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। सरकार दूतावासों और उच्चायोगों के जरिए दूसरे देशों में फंसे छात्रों, रोजगार गंवाने वालों और पर्यटन वीजा पर दूसरे देशों में जाकर फंसे लोगों की सूची तैयार करा रही है।
इनकी वापसी के लिए सरकार में शीर्ष स्तर पर लगातार माथापच्ची हो रही है। इस संदर्भ में सेना के डॉक्टरों की भी मदद लेने पर मंथन हुआ है। एयर इंडिया को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दरअसल, कोरोना के चलते आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर, रूस, जर्मनी, अमेरिका, मलयेशिया, फिलीपींस जैसे देशों में हजारों छात्र फंसे हुए हैं।
इन देशों में लॉकडाउन है और शिक्षण संस्थाओं के साथ-साथ हॉस्टल भी बंद हैं। इसके अलावा करीब 5000 ऐसे लोग हैं जो घूमने या अपने परिजनों से मिलने विदेश गए थे लेकिन वायु सेवा बंद होने के कारण फंस गए। वहीं, खाड़ी समेत कई देशों में हजारों की संख्या में लोग रोजगार गंवाने के कारण संकट में हैं।
सूत्रों ने बताया, फिलहाल विभिन्न देशों में मौजूद दूतावास और उच्चायोग ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रहा है। अब तक की सूचना के मुताबिक, करीब 35,000 लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है। यही कारण है कि सरकार में उच्च स्तर पर इनकी स्वदेश वापसी का रोड मैप तैयार करने पर लगातार मंथन हो रहा है।
कोरोना संक्रमितों को करना होगा लंबा इंतजार
फिलहाल 55 देशों में 3336 भारतीय कोरोना पॉजिटिव हैं। अकेले खाड़ी देशों में यह संख्या 2000 है। कोरोना पॉजिटिव लोगों को स्वदेश लाने की फिलहाल संभावना नहीं है। सूत्रों का कहना है कि मुख्य मुश्किल खाड़ी समेत कई देशों में कोरोना के कारण हजारों की संख्या में लोगों के बेरोजगार होने का है। बेरोजगार लोग भी स्वदेश वापसी के लिए दूतावासों-उच्चायोगों से लगातार मदद मांग रहे हैं।
छात्रों को मिल सकती है वरीयता
सरकार स्वदेश वापसी के लिए विदेशों में अध्ययनरत छात्रों को वरीयता देने का मन बना रही है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए विदेशों में फंसे छात्रों की सूची करीब करीब तैयार है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी लगातार एयर इंडिया के संपर्क में हैं।
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कोरोना वायरस के कारण विदेश में फंसे भारतीयों की स्वदेश वापसी के लिए मोदी सरकार बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। सरकार दूतावासों और उच्चायोगों के जरिए दूसरे देशों में फंसे छात्रों, रोजगार गंवाने वालों और पर्यटन वीजा पर दूसरे देशों में जाकर फंसे लोगों की सूची तैयार करा रही है।
इनकी वापसी के लिए सरकार में शीर्ष स्तर पर लगातार माथापच्ची हो रही है। इस संदर्भ में सेना के डॉक्टरों की भी मदद लेने पर मंथन हुआ है। एयर इंडिया को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दरअसल, कोरोना के चलते आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर, रूस, जर्मनी, अमेरिका, मलयेशिया, फिलीपींस जैसे देशों में हजारों छात्र फंसे हुए हैं।
इन देशों में लॉकडाउन है और शिक्षण संस्थाओं के साथ-साथ हॉस्टल भी बंद हैं। इसके अलावा करीब 5000 ऐसे लोग हैं जो घूमने या अपने परिजनों से मिलने विदेश गए थे लेकिन वायु सेवा बंद होने के कारण फंस गए। वहीं, खाड़ी समेत कई देशों में हजारों की संख्या में लोग रोजगार गंवाने के कारण संकट में हैं।
सूत्रों ने बताया, फिलहाल विभिन्न देशों में मौजूद दूतावास और उच्चायोग ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रहा है। अब तक की सूचना के मुताबिक, करीब 35,000 लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है। यही कारण है कि सरकार में उच्च स्तर पर इनकी स्वदेश वापसी का रोड मैप तैयार करने पर लगातार मंथन हो रहा है।
कोरोना संक्रमितों को करना होगा लंबा इंतजार
फिलहाल 55 देशों में 3336 भारतीय कोरोना पॉजिटिव हैं। अकेले खाड़ी देशों में यह संख्या 2000 है। कोरोना पॉजिटिव लोगों को स्वदेश लाने की फिलहाल संभावना नहीं है। सूत्रों का कहना है कि मुख्य मुश्किल खाड़ी समेत कई देशों में कोरोना के कारण हजारों की संख्या में लोगों के बेरोजगार होने का है। बेरोजगार लोग भी स्वदेश वापसी के लिए दूतावासों-उच्चायोगों से लगातार मदद मांग रहे हैं।
छात्रों को मिल सकती है वरीयता
सरकार स्वदेश वापसी के लिए विदेशों में अध्ययनरत छात्रों को वरीयता देने का मन बना रही है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए विदेशों में फंसे छात्रों की सूची करीब करीब तैयार है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी लगातार एयर इंडिया के संपर्क में हैं।
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